| 1. सोमनाथ | गुजरात | अरब सागर का तट; त्रिवेणी-संगम क्षेत्र की परंपरा | चालुक्य (कैलाश महामेरु प्रासाद) शैली | ज्योतिर्लिंग का नित्य अभिषेक व आरती — सोमनाथ ट्रस्ट की मंदिर-परंपरा के अनुसार। | महाशिवरात्रि | क्षय से पुनः पूर्णता — धैर्य व पुनरुत्थान |
| 2. मल्लिकार्जुन | आंध्र प्रदेश | नल्लमाला पर्वतमाला; कृष्णा नदी (पातालगंगा) का तट | द्रविड़ शैली (प्राकार-गोपुरम् परंपरा) | पातालगंगा (कृष्णा) से जल लेकर ज्योतिर्लिंग के अभिषेक की परंपरा। | महाशिवरात्रि ब्रह्मोत्सव | पुत्र-वात्सल्य — प्रेम में स्वयं चलकर आना |
| 3. महाकालेश्वर | मध्य प्रदेश | शिप्रा नदी का तट; प्राचीन अवंतिका नगरी | मराठा-कालीन भूमिज/नागर परंपरा; त्रि-तल गर्भगृह | भस्म आरती — ब्रह्ममुहूर्त में भस्म से शिव-शृंगार; मंदिर की आधिकारिक विधि के अनुसार। | महाशिवरात्रि | काल-विजय — मृत्यु-भय से मुक्ति |
| 4. ओंकारेश्वर | मध्य प्रदेश | नर्मदा नदी के मध्य मांधाता (शिवपुरी) द्वीप | नागर शैली; बहुतलीय मंदिर व घाट-स्थापत्य | नर्मदा-स्नान कर ओंकारेश्वर व ममलेश्वर — दोनों के क्रमिक दर्शन की परंपरा। | महाशिवरात्रि | ईर्ष्या का तप में रूपांतरण — ॐ का नाद |
| 5. केदारनाथ | उत्तराखंड | गढ़वाल हिमालय; मंदाकिनी नदी का उद्गम-क्षेत्र | हिमालयी नागर शैली; विशाल शिलाखंड-निर्माण | कपाट खुलने व बंद होने की विधिपूर्वक परंपरा — तिथि-निर्धारण पंचांग व मंदिर-समिति की विधि से। | कपाट-उद्घाटन (अक्षय तृतीया काल) | प्रायश्चित्त व क्षमा — बोझ से मुक्ति |
| 6. भीमाशंकर | महाराष्ट्र | सह्याद्रि पर्वतमाला; भीमा नदी का उद्गम-क्षेत्र | नागर शैली; पर्वतीय वन-परिवेश | भीमा-उद्गम क्षेत्र के जल से अभिषेक की परंपरागत विधि। | महाशिवरात्रि | निर्भय भक्ति — आतंक पर आस्था की विजय |
| 7. काशी विश्वनाथ | उत्तर प्रदेश | गंगा नदी का अर्धचंद्राकार तट; काशी नगरी | नागर शैली; स्वर्णमंडित शिखर | गंगा-स्नान कर विश्वनाथ-दर्शन की परंपरागत विधि; भैरव-दर्शन से यात्रा पूर्ण मानने की मान्यता। | महाशिवरात्रि | जीवन-मृत्यु से अभय — मुक्ति-नगरी |
| 8. त्र्यंबकेश्वर | महाराष्ट्र | ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी; गोदावरी का उद्गम-क्षेत्र | मराठा-कालीन नागर शैली; काला बेसाल्ट पत्थर | कुशावर्त कुंड में स्नान कर दर्शन की परंपरागत विधि। | महाशिवरात्रि | प्रायश्चित्त से नदी का अवतरण — क्षमा-भाव |
| 9. वैद्यनाथ | झारखंड (मुख्य प्रचलित परंपरा) | छोटानागपुर का पठारी क्षेत्र; मयूराक्षी-अजय नदियों का अंचल | पूर्वी-भारतीय मंदिर-परंपरा; पंचशूल शिखर | सुल्तानगंज की उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर पदयात्रा-सहित जलाभिषेक की काँवड़-परंपरा। | श्रावणी मेला | अहंकार-पराजय — भक्ति की जीत; वैद्य-रूप शिव |
| 10. नागेश्वर | गुजरात (मुख्य प्रचलित परंपरा) | सौराष्ट्र का समुद्रवर्ती क्षेत्र; द्वारका-बेट द्वारका मार्ग | पश्चिम-भारतीय परंपरा; भूमिगत गर्भगृह | द्वारका-यात्रा के क्रम में नागेश्वर-दर्शन की परंपरा। | महाशिवरात्रि | भय पर स्मरण की विजय — अभय-दान |
| 11. रामेश्वरम् | तमिलनाडु | पम्बन (रामेश्वरम्) द्वीप; बंगाल की खाड़ी व हिंद महासागर का संगम-क्षेत्र | द्रविड़ शैली; विश्वप्रसिद्ध स्तंभ-गलियारा | अग्नितीर्थ-स्नान → बाईस तीर्थ-कूप जल-धारण → रामनाथ-दर्शन की परंपरागत विधि। | महाशिवरात्रि ब्रह्मोत्सव | विनम्रता व प्रायश्चित्त — हरि-हर एकता |
| 12. घृष्णेश्वर | महाराष्ट्र | एलोरा गुफाओं के निकट; शिवालय तीर्थ-कुंड क्षेत्र | मराठा-कालीन नागर शैली; लाल पत्थर | पार्थिव शिवलिंग-पूजन की विशेष परंपरा — घुश्मा-कथा की स्मृति। | महाशिवरात्रि | नियम-निष्ठा व क्षमा — गृहस्थ-भक्ति का शिखर |